शिखर संवाद ब्यूरो - देवेश कुमार मिश्र ,संपादक
Badaun News : उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां जिला पुरुष अस्पताल के एनिस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. गणेश यादव की उनके सरकारी आवास में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। गुरुवार सुबह जब डॉक्टर का शव बाथरूम में अचेत अवस्था में मिला, तो पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। मुरादाबाद के रहने वाले डॉ. यादव की इस रहस्यमयी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे अस्पताल में शोक और अफरा-तफरी का माहौल है।
घटना गुरुवार सुबह की है। डॉ. गणेश यादव, जो जुलाई 2023 से बदायूं में अपनी सेवाएँ दे रहे थे, रोजाना की तरह अपने आवास पर थे। बताया जा रहा है कि वह नहाने के लिए बाथरूम में गए थे, लेकिन जब काफी समय बीत जाने के बाद भी पानी गिरने की आवाज नहीं आई और न ही वह बाहर निकले, तो साथ रहने वाले कर्मियों का माथा ठनका। बार-बार दरवाजा खटखटाने और आवाज देने पर भी जब अंदर से सन्नाटा पसरा रहा, तो अनहोनी की आशंका में दरवाजा तोड़ा गया।
दरवाजा टूटते ही अंदर का नजारा खौफनाक था, डॉक्टर साहब फर्श पर बेजान पड़े थे। उन्हें तुरंत अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड ले जाया गया, जहां उनके ही साथी डॉक्टरों ने भारी मन से उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर ने अस्पताल की धड़कनें रोक दीं और देखते ही देखते ओपीडी सेवाएं ठप हो गईं। सहकर्मियों का कहना है कि डॉ. यादव बेहद मिलनसार और ऊर्जावान थे, उनके साथ ऐसी घटना की किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और सीएमओ ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। पुलिस के लिए यह गुत्थी अभी उलझी हुई है क्योंकि शरीर पर बाहरी चोट के निशान हैं या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। क्या यह हार्ट अटैक था, बाथरूम में पैर फिसलने से लगी कोई अंदरूनी चोट या फिर कोई गहरा षड्यंत्र? पुलिस इन सभी कोणों पर गहनता से पड़ताल कर रही है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट ही इस राज पर से पर्दा उठाएगी कि एक काबिल डॉक्टर की जिंदगी का चिराग अचानक कैसे बुझ गया।


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